समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म ख़ान लोकसभा में भाजपा सांसद रमा देवी पर की गई विवादित टिप्पणी के कारण चारों तरफ़ से घिर गए हैं.
लगभग सभी दलों की महिला सांसद उनसे माफ़ी मांगने के लिए कह रही हैं. कई महिला संगठनों ने भी आज़म ख़ान की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है. उन्हें संसद से कुछ दिनों के लिए निलंबित किए जाने की भी मांग हो रही है.
बीते गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक़ बिल पर चर्चा हो रही थी. उस वक़्त लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बीजेपी सांसद रमा देवी थीं.
रमा देवी ने आज़म ख़ान से कहा कि वो चेयर को संबोधित करें न कि सत्ताधारी नेताओं को. इस पर आज़म ख़ान ने जो कहा उसे लेकर विवाद पैदा हो गया.
उनकी टिप्पणी संसद की कार्यवाही से निकाल दी गई लेकिन मामला शांत नहीं हुआ. जब लोकसभा में आज़म ख़ान से माफ़ी मांगने को कहा गया तो वो सदन से उठ कर चले गए थे.
आज़म ख़ान के बारे में कुछ भी कहने से पहले ये जानना ज़रूरी है कि वो पढ़े-लिखे और परिपक्व राजनेता हैं. उत्तर प्रदेश की राजनीति और ख़ास कर मुस्लिम राजनीति पर उनकी अच्छी पकड़ है.
वो बहुत अच्छी उर्दू जानते हैं. शेरो-शायरी में उनकी अच्छी दिलचस्पी है. सदन में या सड़क पर या निजी बातचीत में भी वो बहुत अच्छी भाषा बोलते हैं लेकिन उनके तेवर हमेशा तल्ख रहते हैं.
वो किसी भी बात पर किसी को छोड़ते नहीं हैं और अपनी भाषा, शेरो-शायरी का इस्तेमाल करते हुए तल्ख बोल जाते हैं.
जया प्रदा के बारे में भी आज़म ख़ान विवादित बोल चुके हैं. जया प्रदा मामले में भी उन्होंने खेद ज़ाहिर नहीं किया था.
संसद में उन्होंने जो कहा, वो ज़ाहिर है आपत्तिजनक था और सदन के रिकॉर्ड से निकाल दिया गया. जहां तक इस बार माफ़ी मांगने की बात है तो मैं समझता हूं कि सोमवार को सदन में वो ये कह सकते हैं कि उनका इरादा ठेस पहुंचाना नहीं था.
संभावना यह हो सकती है कि वो माफ़ी मांग लें या फिर ये भी हो सकता है कि जिस तरह की उनकी आदत रही है, वो कुछ समय के लिए निलंबित हो जाना भी पसंद कर सकते हैं.
इस समय आज़म ख़ान जौहर विश्वविद्यालय के मामले में घिरे हुए हैं. इसे लेकर उत्तर प्रदेश सरकार काफ़ी आक्रामक है और उन्हें भू-माफ़िया घोषित किया जा चुका है.
उनके जौहर विश्वविद्यालय के कुछ हिस्से और गेट गिराने के आदेश हुए हैं. इसके अलावा उन पर कई तरह की एफ़आईआर भी दर्ज हुई हैं.
यह भी हो सकता है कि आज़म ख़ान इन मामलों को देखते हुए ज़्यादा ना-नुकुर न करें और अपने बयान पर खेद व्यक्त कर दें.
आज़म ख़ान का पूरा राजनीतिक इतिहास विवादों से भरा हुआ है और वो स्टैंड लेने में कभी देर नहीं करते हैं.
वो मुलायम सिंह यादव के ख़ास रहे हैं. जब अमर सिंह, कल्याण सिंह को समाजवादी पार्टी में लाए थे तो आज़म ख़ान ने पार्टी छोड़ने में ज़रा देरी नहीं की. अमर सिंह से हमेशा उनकी ठनी रही.
जया प्रदा को रामपुर की राजनीति में जब अमर सिंह स्थापित कर रहे थे, उस वक़्त भी दोनों से आज़म ख़ान ख़फ़ा थे.
मुलायम सिंह यादव ने भी कभी उनसे ऐसा नहीं कहा कि ये मत कीजिए या फिर वो मत कीजिए. आज़म की पकड़ मुस्लिम वोटरों पर है तो एक तरह से समाजवादी पार्टी उन्हें ख़ुद के हिसाब से चलने की आज़ादी देती है. हालांकि उनके बयान ने हमेशा पार्टी को सवालों के घेरे में खड़ा किया है.
ध्यान देने वाली बात है कि अखिलेश यादव ने भी संसद में दिए उनके बयान पर कुछ नहीं कहा है. उन्होंने आज़म ख़ान से यह नहीं कहा है कि आपको माफ़ी मांगनी चाहिए या फिर खेद प्रकट करना चाहिए.
समाजवादी पार्टी के लोग आज़म ख़ान के बयान को डिफेंड करने में ही लगे हुए हैं.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज़म ख़ान की एक शख़्सियत है. इस लोकसभा चुनावों में मोदी लहर के बावजूद वो अच्छे ढंग से चुनाव जीतने में कामयाब रहे.
ऐसे में आज़म ख़ान संसद में माफ़ी भी मांग सकते हैं या फिर कुछ दिनों के निलंबन के फ़ैसले को स्वीकार कर सकते हैं. अच्छा होगा कि वो माफ़ी मांग लें, इससे लोगों के बीच संदेश अच्छा ही जाएगा लेकिन राजनीतिक दबाव में शायद वो ऐसा करना पसंद नहीं करेंगे.
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
广西:境外返桂来桂人员一律实行28天隔离管控措施
中新网4月20日电 4月中旬, 色情性&肛交集合 全球多个疫苗团队 色情性&肛交集合 宣布取得进展的同时, 色情性&肛交集合 中国宣布第一波疫情已经得到控制, 色情性&肛交集合 中国在全球的新冠研究 色情性&肛交集合 的临床试验立项占比从 色情性&肛交集合 三分之二减至一半...
-
حلت أربع دول عربية ضمن قائمة أشد عشر دول فسادا في العالم، وفق التقرير السنوي لمؤشرات مدركات الفساد الذي تصدره منظمة الشفافية الدولية. وال...
-
दुनियाभर की पुलिस संस्थाओं के संगठन इंटरपोल के नए प्रमुख का चुनाव हो गया है. दक्षिण कोरियाई नागरिक किम जोंग-यैंग को इस पद के लिए चुना गया है...
-
Верховная рада Украины отказалась вносить в повестку д ня предложенные президентом Владимиром Зеленским поправки в закон о выборах в парламе...
No comments:
Post a Comment